# दशहरे पे राम वंदना #
घर आये है राजा-राम,पुरी मैय्या नन्द भयों।
घर आये है लच्छम राम, पुरी मैय्या नन्द भयों।।
आनन्द भयों,अति हरष भयों।
आनंद भयों रे भगवन, पुरी मैय्या नन्द भयों।।
मात कौसल्या पूछन लागि, कहो लंका की बात ।
कितने दिनों में रावण मारो, सीता को लायो साथ ।।
पूरी मैय्या नन्द भयों।। 1।।
दस दिनों में रावण मारो सीता को लायो साथ ।
पूरी मैय्या नन्द भयों ।। 2।।
रावण मारो,रावण मारो मेघनाथ बलवान ।
कुम्भकरण जैसे यौद्धा मारे, विभिसन को दिया राज ।।
पूरी मैय्या नन्द भयों ।। 3।।
कौसल्या के राम जी भैया, सुमित्रा के लक्ष्मण।
कैकई के भरत सत्रुघन, अंजनी के हनुमान ।।
पूरी मैय्या नन्द भयों ।। 4।।
मारीच मारे लक्ष्य लगत है, दोनों भाई एक समान ।
छत के नीचे भक्तजन बैठे, भज लो सीता राम ।।
पूरी मैय्या नन्द भयों ।। 5।।
घर आये है राजा-राम पूरी मैय्या नन्द भयों ।
घर आये है लक्ष्मण-राम, पूरी मैय्या नन्द भयों ।।
आनंद भयों, अति हरष भयों ।
आनन्द भयों रे भगवान पूरी मैय्या नन्द भयों ।। ।।
घर आये है राजा-राम,पुरी मैय्या नन्द भयों।
घर आये है लच्छम राम, पुरी मैय्या नन्द भयों।।
आनन्द भयों,अति हरष भयों।
आनंद भयों रे भगवन, पुरी मैय्या नन्द भयों।।
मात कौसल्या पूछन लागि, कहो लंका की बात ।
कितने दिनों में रावण मारो, सीता को लायो साथ ।।
पूरी मैय्या नन्द भयों।। 1।।
दस दिनों में रावण मारो सीता को लायो साथ ।
पूरी मैय्या नन्द भयों ।। 2।।
रावण मारो,रावण मारो मेघनाथ बलवान ।
कुम्भकरण जैसे यौद्धा मारे, विभिसन को दिया राज ।।
पूरी मैय्या नन्द भयों ।। 3।।
कौसल्या के राम जी भैया, सुमित्रा के लक्ष्मण।
कैकई के भरत सत्रुघन, अंजनी के हनुमान ।।
पूरी मैय्या नन्द भयों ।। 4।।
मारीच मारे लक्ष्य लगत है, दोनों भाई एक समान ।
छत के नीचे भक्तजन बैठे, भज लो सीता राम ।।
पूरी मैय्या नन्द भयों ।। 5।।
घर आये है राजा-राम पूरी मैय्या नन्द भयों ।
घर आये है लक्ष्मण-राम, पूरी मैय्या नन्द भयों ।।
आनंद भयों, अति हरष भयों ।
आनन्द भयों रे भगवान पूरी मैय्या नन्द भयों ।। ।।